प्रेम निर्मल भावों से, अखंड ज्योत जलाता है। प्रेम के उपवन में मन सुमन बन जाता है। प्रेम निर्मल भावों से, अखंड ज्योत जलाता है। प्रेम के उपवन में मन सुमन बन जा...
ओट बन जाओ दीये की ज्योत को तुम बुझने ना देना, जो लौ दिलों मे जलाई है आत्म सम्मान की, ओट बन जाओ दीये की ज्योत को तुम बुझने ना देना, जो लौ दिलों मे जलाई है आत...
काहे ढूंढे इधर-उधर तुम, साईं दिल में रहता है ।। सच कहना तो मुश्किल है, पर झूठ कभी तुम ना कहना काहे ढूंढे इधर-उधर तुम, साईं दिल में रहता है ।। सच कहना तो मुश्किल है, पर झूठ क...
धरती का कण कण पवित्र है धरती का कण कण पवित्र है
बरसे हमेशा तेरे सम्मान में। बरसे हमेशा तेरे सम्मान में।
दानव पर देवत्व की हो विजय दीपावली में शपथ, लें सभी हम। दानव पर देवत्व की हो विजय दीपावली में शपथ, लें सभी हम।